"दुनिया उगते सूरज को सलाम करती है"
एक साहब मुझसे बोले, "सर, दुनिया बहुत मतलबी है। उगते सूरज को सलाम करती है।"
मैंने उनसे पूछा, "इस बात का एहसास तुम्हें कब हुआ?"
वो बोले, "सर, मैं बचपन से ही जानता हूं।"
तो मैंने कहा, "अगर तुम्हें पता था कि दुनिया उगते सूरज को सलाम करती है, तो तुम खुद अब तक उगे क्यों नहीं?"
असल में, उगने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। जो लोग मेहनत करने से बचते हैं, वो शिकायत करते रहते हैं कि दुनिया ऐसी है, लोग मतलबी हैं।
बदलाव (Transformation) और मेहनत का महत्व
मैं "बदलाव" शब्द को "बद-लाभ" कहता हूँ। इसका अर्थ है कि लाभ (सफलता) तक पहुंचने के लिए "बद" (चुनौतियों, कठिनाइयों, संघर्ष) से गुजरना जरूरी है। पुराने जमाने की फिल्मों में दिखाया जाता था कि गुफा के अंदर खजाना है, लेकिन उस तक पहुंचने के लिए बिच्छू, सांप, नदी, भूत और जानवरों का सामना करना पड़ता था।
अगर आप चुनौतियों से डरकर हार मान लेंगे, तो खजाने तक नहीं पहुंच पाएंगे।
शिकायत (Complaining) बनाम समाधान (Solution)
लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि टीचर्स, इंस्टिट्यूट्स, परीक्षाएं, समाज - सब गलत हैं। लेकिन सच यह है कि 90% लोग मेहनत करने के बजाय बहाने बनाते हैं।
यूपीएससी का फॉर्म 55 लाख लोग भरते हैं, लेकिन परीक्षा में बैठते हैं सिर्फ 33 लाख। बाकी सिर्फ टाइम पास कर रहे होते हैं। जब ये लोग फेल होते हैं, तो घर आकर कहते हैं, "यूपीएससी में पैसा चलता है, सिस्टम खराब है।"
असल में, जो मेहनत नहीं करता, वही शिकायत करता है।
कामयाबी (Success) और लिफ्ट (Lift) का उदाहरण
कामयाबी लिफ्ट की तरह है। लिफ्ट लेने के लिए दो चीजें जरूरी हैं:
1. आप सड़क पर चल रहे होने चाहिए।
2. आपको किसी से लिफ्ट मांगनी चाहिए।
अगर आप मेहनत ही नहीं कर रहे, तो कोई लिफ्ट नहीं देगा। सड़क पर खड़ा व्यक्ति ही अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है।
निष्कर्ष:
जो मेहनत करने से बचता है, वह बहाने बनाता है।
सफलता उन्हीं को मिलती है जो चुनौतियों का सामना करते हैं।
शिकायत करना आसान है, लेकिन बदलाव (बद-लाभ) मुश्किल।
जो लिफ्ट मांगता है, वही सफर पूरा कर पाता है।

